
दो शेड्यूल, हर दिशा के लिए एक
आप कोई प्रोडक्ट ट्रेड कर भी सकते हैं या नहीं, यह DGFT का ITC(HS) तय करता है, जो हर 8 अंकों के कोड के लिए भारत की आयात और निर्यात नीति है। Schedule 1 आयात नीति है और Schedule 2 निर्यात नीति। अभी का संस्करण ITC(HS) 2022 है, जिसे DGFT नोटिफ़िकेशन से बदलता रहता है। हर शेड्यूल के अपने जनरल नोट्स भी हैं जो पूरे शेड्यूल पर लागू होते हैं।
इसके पहले छह अंक दुनिया भर में चलने वाले HS कोड से मेल खाते हैं, और भारत दो अंक और जोड़ता है। 8 अंकों के ये कोड उसी सिस्टम पर चलते हैं जो कस्टम्स इस्तेमाल करता है।
ड्यूटी और नीति अलग-अलग सवाल हैं। ड्यूटी कस्टम्स टैरिफ़ और CBIC के नोटिफ़िकेशन से आती है; इजाज़त DGFT से। किसी प्रोडक्ट पर ड्यूटी कम हो फिर भी लाइसेंस चाहिए हो सकता है, या ड्यूटी ज़्यादा हो फिर भी आयात पूरी तरह फ़्री हो सकता है।
फ़्री, रिस्ट्रिक्टेड, प्रोहिबिटेड और STE
हर कोड के पॉलिसी कॉलम में इन चार में से एक व्यवस्था लिखी होती है:
- फ़्री (Free): DGFT के लाइसेंस के बिना आयात या निर्यात कर सकते हैं, पर पॉलिसी कंडीशन और दूसरे कानूनों के अधीन।
- रिस्ट्रिक्टेड (Restricted): लाइसेंस चाहिए, जिसे DGFT ऑथराइज़ेशन कहता है।
- प्रोहिबिटेड (Prohibited): माल का आयात या निर्यात नहीं हो सकता। निर्यात के लिए DGFT कहता है कि सामान्य तौर पर लाइसेंस नहीं दिया जाएगा।
- STE: सिर्फ़ तय स्टेट ट्रेडिंग एंटरप्राइज़ ही माल का आयात या निर्यात कर सकते हैं, फ़ॉरेन ट्रेड पॉलिसी की शर्तों पर।
DGFT की वेबसाइट पर आप किसी कोड की नीति सीधे देख सकते हैं, और DGFT आयात और निर्यात, दोनों के लिए रिस्ट्रिक्टेड और प्रोहिबिटेड आइटम की अलग लिस्ट भी प्रकाशित करता है। उसकी SCOMET लिस्ट वाले रणनीतिक (strategic) सामान और टेक्नोलॉजी के निर्यात के लिए अलग ऑथराइज़ेशन चाहिए।
ध्यान दें: फ़्री का मतलब यह नहीं कि कोई नियम नहीं। DGFT की आयात नीति कहती है कि हर आयात को वही घरेलू कानून, तकनीकी मानक, और सुरक्षा व पर्यावरण नियम पूरे करने होंगे जो भारत में बने माल पर लागू हैं। फ़्री आइटम को भी BIS सर्टिफ़िकेशन चाहिए हो सकता है, जिसकी बात पिछले लेसन में हुई।
पॉलिसी कंडीशन
कई कोड के साथ पॉलिसी कंडीशन होती है, उनके अपने कॉलम में या चैप्टर के आख़िर के नोट्स में। DGFT की अपनी गाइड कहती है कि इस कॉलम में हर शर्त नहीं लिखी होती: दूसरी शर्तें और दूसरे कानून भी लागू हो सकते हैं।
शर्तें कई तरह की होती हैं। हाल की एक मिसाल न्यूनतम आयात कीमत (minimum import price) है: 30 सितंबर 2026 को DGFT ने चैप्टर 29 और 48 के कुछ आइटम पर न्यूनतम आयात कीमत की शर्त आगे बढ़ाई।
- मान लीजिए किसी कोड का आयात तभी फ़्री है जब कीमत कम से कम 500 US डॉलर प्रति टन हो। शर्त और आँकड़े सिर्फ़ समझाने के लिए हैं।
- 520 US डॉलर प्रति टन वाला इनवॉइस शर्त पूरी करता है।
- 480 US डॉलर प्रति टन वाला इनवॉइस शर्त पूरी नहीं करता, तो वह माल फ़्री पॉलिसी के तहत आयात नहीं हो सकता, ड्यूटी चाहे जितनी कम हो।
लाइसेंस और ऑथराइज़ेशन
रिस्ट्रिक्टेड आइटम के लिए आप DGFT हेडक्वार्टर को ऑनलाइन आयात या निर्यात ऑथराइज़ेशन का आवेदन देते हैं, उसकी हैंडबुक ऑफ़ प्रोसीजर्स में बताए दस्तावेज़ों के साथ। इसे DGFT या उसकी अधिकृत रीजनल अथॉरिटी देती है, और वह अपनी एक्ज़िम फ़ैसिलिटेशन कमेटी की सलाह ले सकता है, जिसमें संबंधित तकनीकी अथॉरिटी और मंत्रालय शामिल होते हैं।
- अगर ऑथराइज़ेशन में कुछ और न लिखा हो, तो रिस्ट्रिक्टेड आइटम का आयात ऑथराइज़ेशन जारी होने से 18 महीने और निर्यात ऑथराइज़ेशन 24 महीने वैलिड रहता है।
- ऑथराइज़ेशन में वह पोर्ट लिखा जा सकता है जिससे माल को जाना है।
- शिपमेंट पक्का करने से पहले आवेदन करें, क्योंकि फ़ैसले में कितना समय लगेगा, यह आपके हाथ में नहीं है।
अपना कोड कैसे जाँचें
- अपना सही 8 अंकों का कोड पता करें।
- आयात के लिए Schedule 1 या निर्यात के लिए Schedule 2 खोलें, और उस कोड की पॉलिसी और पॉलिसी कंडीशन पढ़ें।
- चैप्टर के नोट्स और उस शेड्यूल के जनरल नोट्स पढ़ें।
- पिछले अपडेट के बाद के DGFT नोटिफ़िकेशन देखें, क्योंकि DGFT नीति नोटिफ़िकेशन से बदलता है।
- अगर कोड रिस्ट्रिक्टेड है, तो शिप करने से पहले ऑथराइज़ेशन के लिए आवेदन करें। अगर STE है, तो तय एंटरप्राइज़ के ज़रिए ही काम करें।
संक्षेप में
- DGFT का ITC(HS) हर कोड के लिए Schedule 1 में आयात नीति और Schedule 2 में निर्यात नीति तय करता है।
- हर कोड फ़्री, रिस्ट्रिक्टेड, प्रोहिबिटेड या STE होता है।
- रिस्ट्रिक्टेड माल के लिए DGFT का ऑथराइज़ेशन चाहिए; फ़्री माल को भी पॉलिसी कंडीशन और दूसरे कानून पूरे करने होते हैं।
- ड्यूटी और नीति अलग हैं: हर कोड के लिए दोनों देखें।
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इस पाठ के शब्द
स्रोत
- DGFT: ITC(HS) import and export policy
- DGFT: How to read the import policy (Schedule 1)
- DGFT: How to read the export policy (Schedule 2)
- DGFT: Handbook of Procedures, Chapter 2 (restricted items, authorisations)
- DGFT: Notifications
इन स्रोतों से तथ्य जाँचे गए:
ट्रेड अकादमी सिर्फ़ सीखने के लिए है, कानूनी, टैक्स या कस्टम्स सलाह नहीं। नियम और रेट नोटिफ़िकेशन से बदलते रहते हैं: कोई कदम उठाने से पहले लाइव स्रोत देखें या किसी लाइसेंसधारी कस्टम ब्रोकर से पूछें।