
एक कोड, चार स्तर
व्यापार में हर प्रोडक्ट का एक HS कोड होता है। हार्मोनाइज़्ड सिस्टम को वर्ल्ड कस्टम्स ऑर्गनाइज़ेशन (WCO) संभालता है। इसमें माल 21 सेक्शन और 1 से 97 नंबर तक के चैप्टर में बँटा है; चैप्टर 77 आगे के लिए खाली रखा गया है, और 98 व 99 हर देश के अपने इस्तेमाल के लिए छोड़े गए हैं। भारत इसमें अपने दो अंक और जोड़ता है।
- 2 अंक, चैप्टर: 61 यानी निटेड या क्रोशिए कपड़े।
- 4 अंक, हेडिंग: 6109 यानी टी-शर्ट, सिंगलेट और दूसरी बनियान, निटेड या क्रोशिए।
- 6 अंक, सबहेडिंग: 6109.10 यानी सूती वाली। ये छह अंक HS इस्तेमाल करने वाले हर देश में एक जैसे होते हैं।
- 8 अंक, भारत की टैरिफ़ लाइन: 6109 10 00। भारत की ड्यूटी और DGFT की आयात-निर्यात पॉलिसी इसी स्तर पर तय होती है।
कस्टम्स के छह नियम
क्लासिफ़िकेशन का मतलब सबसे मिलते-जुलते शब्द ढूँढना नहीं है। यह हार्मोनाइज़्ड सिस्टम के इंटरप्रिटेशन के जनरल रूल्स से होता है, जिन्हें भारत का टैरिफ़ भी मानता है। आसान शब्दों में:
- नियम 1: सेक्शन और चैप्टर के टाइटल सिर्फ़ रास्ता दिखाते हैं। क़ानूनी जवाब हेडिंग के शब्दों और सेक्शन व चैप्टर के नोट्स से निकलता है।
- नियम 2: अधूरा या खुला (बिना जुड़ा) सामान वहीं जाता है जहाँ पूरा सामान जाता, अगर उसमें पूरे सामान की असली पहचान (एसेंशियल कैरेक्टर) आ चुकी हो। किसी मटीरियल की हेडिंग में उसके दूसरे मटीरियल के साथ बने मिक्सचर भी आते हैं।
- नियम 3: दो हेडिंग फ़िट हों तो सबसे सटीक वाली लें। उससे बात न बने तो उस मटीरियल या हिस्से से तय करें जो माल को उसकी असली पहचान देता है। फिर भी न बने तो नंबर में सबसे आख़िर वाली हेडिंग लें।
- नियम 4: जो माल कहीं फ़िट न हो, वह उस माल के साथ जाता है जिससे वह सबसे ज़्यादा मिलता है।
- नियम 5: सामान के साथ बिकने वाला उसी के नाप का केस, जैसे कैमरा केस, सामान के साथ जाता है, और आम पैकिंग माल के साथ।
- नियम 6: सबहेडिंग भी इसी तरह चुनें, और सिर्फ़ एक ही स्तर की सबहेडिंग की आपस में तुलना करें।
नियम क्रम से लगाएँ। कई प्रोडक्ट सिर्फ़ नियम 1 से ही तय हो जाते हैं।
हेडिंग से पहले नोट्स पढ़ें
सेक्शन और चैप्टर के नोट्स अक्सर किसी माल को सीधे अंदर लाते हैं या बाहर रखते हैं, हेडिंग चाहे जो कहती लगे। टी-शर्ट के लिए दो नोट्स ज़रूरी हैं:
- चैप्टर 61 का नोट 1: इस चैप्टर में सिर्फ़ निटेड या क्रोशिए सामान आता है। वोवन (करघे पर बुने) कपड़े की शर्ट चैप्टर 62 में जाती है।
- चैप्टर 61 का नोट 5: हेडिंग 6109 में वे कपड़े नहीं आते जिनमें नीचे डोरी, रिब वाला वेस्टबैंड या कसने का कोई और तरीका हो। ऐसा निटेड टॉप किसी दूसरी हेडिंग में जाता है।
- माल: आधी बाँह की टी-शर्ट, निटेड, 100% कॉटन, नीचे सादा किनारा।
- चैप्टर: निटेड कपड़ा, इसलिए चैप्टर 61 (नोट 1), चैप्टर 62 नहीं, जो बिना निटिंग वाले कपड़ों का है।
- हेडिंग: 6109, टी-शर्ट, सिंगलेट और दूसरी बनियान। नोट 5 इसे बाहर नहीं करता, क्योंकि किनारे पर कसने का कुछ नहीं है।
- सबहेडिंग: 6109.10, सूती (नियम 6)।
- भारत की टैरिफ़ लाइन: 6109 10 00।
- यही टी-शर्ट 60% कॉटन और 40% पॉलिएस्टर की हो: सेक्शन XI का सबहेडिंग नोट इसे उस टेक्सटाइल का पूरा बना मानता है जिसका वज़न सबसे ज़्यादा है, इसलिए यह 6109.10 में ही रहती है।
शक हो तो: एडवांस रूलिंग
अगर आपकी ड्यूटी कोड पर टिकी है और आप कोड को लेकर पक्के नहीं हैं, तो आयात से पहले एडवांस रूलिंग माँग सकते हैं। कस्टम्स एक्ट की धारा 28E से 28M के तहत कस्टम्स अथॉरिटी फ़ॉर एडवांस रूलिंग्स क्लासिफ़िकेशन, वैल्यूएशन के सिद्धांत, कोई छूट नोटिफ़िकेशन लागू होता है या नहीं, ओरिजिन और कुछ दूसरे मामलों पर लिखित सवालों का जवाब देती है।
- आवेदन आप कर सकते हैं अगर आपके पास IEC है, या आप भारत को माल निर्यात करते हैं, या आप अथॉरिटी को कोई ठोस वजह दिखाते हैं।
- रूलिंग आप पर और आपके आयात को देखने वाले कस्टम्स अफ़सरों पर लागू होती है। किसी और पर नहीं।
- यह पाँच साल तक, या जिस क़ानून या तथ्यों पर टिकी है उनके बदलने तक, जो पहले हो, वैध रहती है।
ध्यान दें: सबसे आम गलती है सप्लायर के इनवॉइस या पुरानी शिपमेंट से कोड उठा लेना और कभी जाँचना नहीं। गलत कोड से गलत ड्यूटी लग सकती है, कोई ज़रूरी लाइसेंस छूट सकता है, और दोबारा असेसमेंट के साथ पेनल्टी लग सकती है। आपके बिल ऑफ एंट्री का कोड आपकी घोषणा है, सप्लायर की नहीं।
कोड और रेट बदलते हैं
WCO हर कुछ साल में HS बदलता है। इसका अगला एडिशन, HS 2028, 1 जनवरी 2028 से लागू होगा और कई सबहेडिंग बदलेगा। जब भी टैरिफ़ बदले, अपना कोड दोबारा जाँचें, और कभी न मानें कि पिछले साल का कोड, ड्यूटी या GST रेट अब भी वही है।
GST रेट भी कोड से तय होते हैं, और कभी-कभी कीमत से भी। निटेड कपड़ों पर GST रेट हर पीस की बिक्री कीमत पर निर्भर करता है, इसलिए एक ही कोड की दो शर्टों पर अलग IGST लग सकता है। हमारा HS कोड टूल आज लागू नियम दिखाता है।
संक्षेप में
- HS कोड क़दम दर क़दम छोटा होता है: चैप्टर (2 अंक), हेडिंग (4), सबहेडिंग (6) और भारत की टैरिफ़ लाइन (8)।
- क़ानूनी जवाब हेडिंग के शब्दों और नोट्स से निकलता है, छह नियमों को क्रम से लगाकर।
- नोट्स किसी माल को अंदर ला सकते हैं या बाहर रख सकते हैं, जैसे चैप्टर 61 का नोट 5 टी-शर्ट के लिए।
- एडवांस रूलिंग से आयात से पहले पक्का, बाध्यकारी जवाब मिलता है।
- बिल ऑफ एंट्री का कोड आपकी घोषणा है: उसे ख़ुद जाँचें।
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ख़ुद को जाँचें
इस पाठ के शब्द
स्रोत
- WCO: General Rules for the Interpretation of the Harmonized System (HS 2022)
- WCO: HS 2022, Chapter 61 (knitted or crocheted apparel), notes and headings
- WCO: HS 2022, Section XI (textiles), section and subheading notes
- WCO: HS Nomenclature 2028 edition
- CBIC Tax Information Portal: Customs Act 1962, sections 28E to 28M (advance rulings), as amended by the Finance Act 2026
इन स्रोतों से तथ्य जाँचे गए:
ट्रेड अकादमी सिर्फ़ सीखने के लिए है, कानूनी, टैक्स या कस्टम्स सलाह नहीं। नियम और रेट नोटिफ़िकेशन से बदलते रहते हैं: कोई कदम उठाने से पहले लाइव स्रोत देखें या किसी लाइसेंसधारी कस्टम ब्रोकर से पूछें।