अध्याय 2

कस्टम्स और CHA

भारतीय कस्टम्स से माल कैसे निकलता है: क्लासिफिकेशन, ड्यूटी, वैल्यूएशन, बिल ऑफ एंट्री और शिपिंग बिल, और आपके प्रोडक्ट पर लागू नियम।

10 पाठ49 मिनटRead in English
खुले कंटेनर की जाँच करता कस्टम्स अधिकारी और लैपटॉप पर काम करता कस्टम ब्रोकर।
  1. पाठ 76 मिनटकस्टम ब्रोकर (CHA) क्या करता है, और CBLR लाइसेंसकस्टम ब्रोकर कौन होते हैं, आयातकों और निर्यातकों के लिए क्या करते हैं, क़ानून उनसे क्या जाँच करवाता है, और CBLR लाइसेंस की परीक्षा कैसे होती है।
  2. पाठ 85 मिनटHS क्लासिफ़िकेशन: 2, 4, 6 और 8 अंकHS कोड कैसे बनता है, कस्टम्स कोड चुनने के छह नियम कैसे लगाता है, नोट्स क्यों ज़रूरी हैं, और आयात से पहले पक्का जवाब कैसे लें।
  3. पाठ 95 मिनटकस्टम ड्यूटी: BCD, SWS, IGST और AIDCभारत में आयात पर कौन सी ड्यूटी लगती है, किस क्रम में निकलती है, छूट और ट्रेड एग्रीमेंट उसे कैसे घटाते हैं, और कौन सा हिस्सा वापस मिलता है।
  4. पाठ 105 मिनटअसेसेबल वैल्यू, CIF और कस्टम्स एक्सचेंज रेटकस्टम्स आयात की कीमत कैसे तय करता है: ट्रांज़ैक्शन वैल्यू, उसमें क्या जुड़ता है, भाड़ा या बीमा पता न हो तो क्या होता है, और कौन सा एक्सचेंज रेट लगता है।
  5. पाठ 115 मिनटICEGATE पर बिल ऑफ एंट्री फ़ाइल करना, क़दम दर क़दमबिल ऑफ एंट्री के तीन प्रकार, कब फ़ाइल करें, कौन से दस्तावेज़ अपलोड करें, और फ़ाइलिंग से आउट ऑफ चार्ज तक क्या होता है।
  6. पाठ 125 मिनटशिपिंग बिल और लेट एक्सपोर्ट ऑर्डरICEGATE पर निर्यात कैसे घोषित करें, कस्टम्स उसे कैसे क्लियर करता है, और वही शिपिंग बिल आपके बैंक और एक्सपोर्ट इंसेंटिव तक कैसे पहुँचता है।
  7. पाठ 135 मिनटट्रेड एग्रीमेंट और सर्टिफ़िकेट ऑफ़ ओरिजिनट्रेड एग्रीमेंट से क्या मिलता है, रूल्स ऑफ़ ओरिजिन कैसे काम करते हैं, कौन सा सर्टिफ़िकेट चाहिए और कौन देता है, और आयातक कम रेट कैसे क्लेम करता है।
  8. पाठ 145 मिनटएंटी-डंपिंग, काउंटरवेलिंग और सेफ़गार्ड ड्यूटीतीन ट्रेड रेमेडी ड्यूटी, इनकी जाँच कौन करता है और कौन लगाता है, और कैसे पता करें कि आपके आयात पर इनमें से कोई लगती है या नहीं।
  9. पाठ 154 मिनटBIS सर्टिफ़िकेशन और क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डरक्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर क्या है, किन प्रोडक्ट पर BIS मार्क ज़रूरी है, आयातक और उसके विदेशी सप्लायर के लिए इसका मतलब, और कैसे जाँचें।
  10. पाठ 164 मिनटआयात और निर्यात नीति: फ़्री, रिस्ट्रिक्टेड, प्रोहिबिटेडDGFT का ITC(HS) कैसे बताता है कि कोई प्रोडक्ट खुले में ट्रेड हो सकता है, लाइसेंस चाहिए, सिर्फ़ सरकारी एजेंसी से जाएगा, या उस पर रोक है।

ट्रेड अकादमी सिर्फ़ सीखने के लिए है, कानूनी, टैक्स या कस्टम्स सलाह नहीं। नियम और रेट नोटिफ़िकेशन से बदलते रहते हैं: कोई कदम उठाने से पहले लाइव स्रोत देखें या किसी लाइसेंसधारी कस्टम ब्रोकर से पूछें।