ट्रेड शब्दकोश

लेटर ऑफ क्रेडिट

LC, जिसे डॉक्यूमेंटरी क्रेडिट भी कहते हैं

खरीदार की तरफ़ से बैंक का वादा कि विक्रेता जब क्रेडिट की शर्तों के मुताबिक दस्तावेज़ जमा करेगा, तो बैंक उसे पेमेंट करेगा। ज़्यादातर LC इंटरनेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स के UCP 600 नियमों के तहत खुलते हैं।

इस शब्द वाले पाठ

  1. पाठ 64 मिनटविदेश में पहले खरीदार कैसे खोजेंट्रेड आंकड़ों से बाज़ार चुनें, कस्टम्स रिकॉर्ड में आयातक खोजें, मेलों और अपनी काउंसिल से खरीदारों से मिलें, और शिपमेंट से पहले खरीदार को जाँचें।
  2. पाठ 125 मिनटशिपिंग बिल और लेट एक्सपोर्ट ऑर्डरICEGATE पर निर्यात कैसे घोषित करें, कस्टम्स उसे कैसे क्लियर करता है, और वही शिपिंग बिल आपके बैंक और एक्सपोर्ट इंसेंटिव तक कैसे पहुँचता है।
  3. पाठ 185 मिनटइनवॉइस, पैकिंग लिस्ट, बिल ऑफ लैडिंग और एयर वे बिलहर शिपिंग दस्तावेज़ में क्या लिखा होता है, सबका आपस में मेल क्यों ज़रूरी है, और बिल ऑफ लैडिंग के कौन से विकल्प तय करते हैं कि खरीदार को माल कब मिलेगा।
  4. पाठ 205 मिनटपेमेंट कैसे मिलता है: एडवांस, LC, DA और DPनिर्यातक को पेमेंट मिलने के मुख्य तरीके, हर एक में आपका और खरीदार का जोखिम, बैंक से दस्तावेज़ कैसे जाते हैं, और खरीदार को कैसे जाँचें।
  5. पाठ 216 मिनटRBI के पेमेंट नियम और समय-सीमा (FEMA 2026)1 अक्टूबर 2026 से RBI के निर्यात-आयात पेमेंट नियम: एक्सपोर्ट की घोषणा, पेमेंट की आख़िरी तारीख़, एक्सटेंशन, सेट-ऑफ़ और आयात का पेमेंट।
सभी ट्रेड शब्द

ट्रेड अकादमी सिर्फ़ सीखने के लिए है, कानूनी, टैक्स या कस्टम्स सलाह नहीं। नियम और रेट नोटिफ़िकेशन से बदलते रहते हैं: कोई कदम उठाने से पहले लाइव स्रोत देखें या किसी लाइसेंसधारी कस्टम ब्रोकर से पूछें।