एक्सपोर्ट कैसे होता है

भारत से एक एक्सपोर्ट का एनिमेटेड सफ़र: IEC और LUT, सौदा, शिपिंग बिल, लेट एक्सपोर्ट ऑर्डर, जहाज़ और पेमेंट।

वीडियो में क्या कहा गया है

  1. नमस्ते! अब समझते हैं कि भारत से एक्सपोर्ट, यानी निर्यात, कैसे होता है। मान लीजिए आपकी कंपनी विदेश में कॉटन टी-शर्ट बेचना चाहती है।
  2. आपके पास IEC होना चाहिए। और ज़्यादातर निर्यातक GST में LUT फ़ाइल करते हैं, ताकि बिना IGST भरे निर्यात कर सकें।
  3. आप खरीदार से कीमत, Incoterm और पेमेंट का तरीका तय करते हैं: एडवांस, लेटर ऑफ क्रेडिट, या दस्तावेज़ों के बदले।
  4. माल पैक होता है, इनवॉइस और पैकिंग लिस्ट बनती है, और कंटेनर पोर्ट पहुँचता है।
  5. आपका CHA ICEGATE पर शिपिंग बिल फ़ाइल करता है। कस्टम्स कागज़ और माल जाँचकर लेट एक्सपोर्ट ऑर्डर देता है।
  6. इसके बाद ही माल जहाज़ पर लदता है, और शिपिंग लाइन बिल ऑफ लैडिंग जारी करती है।
  7. आप दस्तावेज़ खरीदार को, सीधे या बैंक के ज़रिए, भेजते हैं। खरीदार का पेमेंट आपके बैंक खाते में आता है, RBI की तय समय-सीमा के अंदर।
  8. हर कदम को विस्तार से समझने के लिए हमारी ट्रेड अकादमी के पाठ पढ़िए। यह वीडियो सिर्फ़ सीखने के लिए है, कानूनी सलाह नहीं।

ट्रेड अकादमी सिर्फ़ सीखने के लिए है, कानूनी, टैक्स या कस्टम्स सलाह नहीं। नियम और रेट नोटिफ़िकेशन से बदलते रहते हैं: कोई कदम उठाने से पहले लाइव स्रोत देखें या किसी लाइसेंसधारी कस्टम ब्रोकर से पूछें।